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मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर। खरीफ सीजन के मद्देनजर किसान खाद और बीज के लिए भाग दौड़ कर रहे हैं. किसानों को सही खाद और बीज मिले इसके लिए जिला प्रशासन की तैयारी भी तेज है। इसी कड़ी में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर के निर्देश तथा उप संचालक कृषि ने दुकानों की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

71 क्विंटल संदिग्ध बीज जब्त
को जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने केल्हारी क्षेत्र में ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण कर कई गंभीर अनियमितताओं का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से कृषि व्यवसाय संचालित करने वाले व्यापारियों और बिचौलियों में हड़कंप मचा हुआ है। संयुक्त जांच दल ने रवि बीज भंडार केल्हारी, गोविंद बीज भंडार केल्हारी, रूमान कृषि केंद्र केल्हारी तथा केल्हारी एफपीओ सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान जब टीम मेसर्स केल्हारी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, सेमरिया पहुंची तो वहां कृषि संबंधी नियमों की खुलेआम अनदेखी सामने आई।
दुकानदार नहीं दे पाया वैध दस्तावेज
निरीक्षण के दौरान फर्म के प्रोपराइटर दिनेश साहू आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। मौके पर न तो स्टॉक पंजी उपलब्ध थी न बीज परीक्षण रिपोर्ट और न ही पैकेजिंग अनुज्ञप्ति से संबंधित कोई वैध दस्तावेज। जांच में यह भी पाया गया कि बिना अधिकृत लाइसेंस के बड़ी मात्रा में हाइब्रिड एवं रिसर्च (टीएल) धान तथा सरसों के बीजों की पैकेजिंग और भंडारण किया जा रहा था।
गुणवत्ताहीन बीज बिक्री पर लगाई रोक
अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 168 बोरी संदिग्ध बीज, जिनका कुल वजन 71.40 क्विंटल बताया गया है, जब्त कर उनकी बिक्री पर रोक लगा दी। साथ ही संबंधित फर्म को तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का नोटिस जारी किया। निरीक्षण के दौरान कीटनाशक विक्रय केंद्रों की जांच में भी कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। अधिकारियों ने पाया कि कई प्रतिष्ठानों में बिना वैध स्रोत के कीटनाशकों का भंडारण एवं विक्रय किया जा रहा था. किसानों को खरीद के समय निर्धारित प्रारूप में पक्का बिल या कैश मेमो भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था।
दुकानों में स्टॉक पंजी का संधारण नहीं पाया गया तथा मूल्य सूची भी प्रदर्शित नहीं की गई थी। जांच टीम उस समय हैरान रह गई जब कई प्रतिष्ठानों में अवसान तिथि (एक्सपायरी) पार कर चुकी कीटनाशक दवाएं भंडारित और बिक्री के लिए उपलब्ध मिलीं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे रसायनों का उपयोग फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है और किसानों को आर्थिक क्षति पहुंचा सकता है।
बिना पैकिंग और लेबल के मिले कीटनाशक
निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में बिना पैकिंग और बिना लेबल वाले कीटनाशक भी पाए गए है. सबसे गंभीर बात यह रही कि जिन स्थानों पर कीटनाशक रखे गए थे, वहीं मानव एवं पशुओं के उपभोग की खाद्य सामग्री भी स्टोर मिली. अधिकारियों ने इसे सुरक्षा मानकों और वैधानिक नियमों का गंभीर उल्लंघन माना कृषि विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संबंधित प्रतिष्ठानों द्वारा की गई अनियमितताएं कीटनाशी अधिनियम 1968, कीटनाशक नियम 1971 तथा बीज नियंत्रण आदेश 1983 के प्रावधानों का प्रत्यक्ष उल्लंघन है। विभाग ने सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को तीन दिवस के भीतर आवश्यक दस्तावेजों सहित लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे, एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।