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मानदेय और किराया भुगतान में देरी से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में नाराजगी

2 महीने से वेतन, साल भर से किराया लंबित

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का आर्थिक संकट गहरा गया है। पिछले 2 महीने से मानदेय नहीं मिला है और करीब 1 साल से आंगनबाड़ी केंद्रों का भवन किराया लंबित है। अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं, लेकिन 2 घंटे इंतजार के बाद भी कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो सकी। बाद में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जल्द भुगतान का आश्वासन दिया।

Anganwadi workers upset over delayed honorarium

2 महीने से नहीं मिला मानदेय

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ मनेन्द्रगढ़ की अध्यक्ष संतोषी राजवाड़े ने बताया कि वे गांव-गांव तक शासन की योजनाएं पहुंचाती हैं। गर्भवती महिलाओं, बच्चों के पोषण, टीकाकरण और सर्वेक्षण जैसे कामों की जिम्मेदारी निभाने के बावजूद पिछले 2 महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है।

मानदेय रुके होने से परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।

1 साल से लंबित है केंद्रों का किराया

कार्यकर्ता तसलीम खान ने बताया कि जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्र निजी भवनों में चल रहे हैं। इन भवनों का लगभग 1 साल से किराया नहीं मिला है। 

मकान मालिक लगातार किराया मांग रहे हैं और कई जगह केंद्र खाली कराने का दबाव भी बना रहे हैं। इससे बच्चों और हितग्राहियों को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।

कलेक्टर से नहीं हो सकी मुलाकात

समाधान की उम्मीद में कार्यकर्ताएं कलेक्टर संतन देवी जांगड़े से मिलने कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। करीब 2 घंटे इंतजार के बाद भी मुलाकात नहीं हो पाई। इससे नाराज महिलाओं ने कहा कि जब महिला कलेक्टर ही समय नहीं दे पा रही हैं तो उनकी पीड़ा कौन सुनेगा।

बाद में जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मानदेय और भवन किराये का मामला उच्च स्तर पर भेजा गया है। प्रक्रिया पूरी होते ही भुगतान कराने का प्रयास किया जाएगा।

आंदोलन की चेतावनी

आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को कुछ समय दिया है। लेकिन उनका कहना है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे आंदोलन की रणनीति बनाएंगी।