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टीबी मुक्त भारत अभियान दूसरे चरण का शुभारंभ

बलरामपुरकलेक्टर राजेन्द्र कटारा के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत दूसरे चरण में 100 दिवसीय अभियान को प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है।
जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में व्यापक प्रयास जारी है, भारत सरकार के टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत चलाए जा रहे 100 दिवसीय अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ 24 मार्च 2026 (विश्व क्षय दिवस) को किया गया। यह अभियान विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी रोग की पहचान, जांच और उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।

1618 लोगों का किया गया चिन्हांकन



अभियान के अंतर्गत जिले में उच्च जोखिम वाले संभावित व्यक्तियों की पहचान कर उनकी स्क्रीनिंग की जा रही है। 22 अप्रैल 2026 तक कुल 1618 संभावित उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों को चिन्हांकित किया गया है। जिनमें 791 पुरुष एवं 827 महिलाएं शामिल है। सभी चिन्हांकित व्यक्तियों की स्क्रीनिंग पूर्ण कर ली गई है।
इसी प्रकार जांच प्रक्रिया के तहत 1656 व्यक्तियों का हेण्ड हेण्डल एक्स-रे मशीन के माध्यम से एक्स-रे किया गया, जिसमें 506 व्यक्तियों के एक्स-रे असामान्य पाई गई। ऐसे संदिग्ध मरीजों के बलगम (स्पूटम) नमूने एकत्रित कर उनकी जांच ट्रूनॉट मशीन के माध्यम से की जा रही है, जिससे टीबी की पुष्टि की जा सके। टीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के उद्देश्य से जिले के सभी विकासखण्डों के प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में हेण्ड हेण्डल एक्स-रे मशीन के माध्यम से उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की जांच की जा रही है। जिसका उद्देश्य टीबी रोग के समस्त मरीजों की पहचान व उपचार कर जिले को टीबी मुक्त करना है।




स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति में लगातार दो सप्ताह से खांसी आना, लम्बे समय तक सूखी खांसी आना, खांसी के साथ बलगम और खून आना, सांस लेने पर सीने में दर्द होना, बेचैनी और सुस्ती महसूस होना, भूख कम लगना वजन घटना, रात में हल्का बुखार आना, थकान और शरीर में दर्द होना जैसे लक्षण दिखाई दे तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जांच कराएं, ताकि समय रहते उपचार शुरू किया जा सके और टीबी को फैलने से रोका जा सकें।