बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। बीजापुर जिले में 35 लाख रुपये के कुल इनामी 6 सक्रिय नक्सलियों ने पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं, जो लंबे समय से संगठन में सक्रिय थीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह सफलता बीजापुर जिला रिजर्व गार्ड (DRG), सीआरपीएफ की 170वीं बटालियन और स्थानीय पुलिस के समन्वित प्रयासों से हासिल हुई है। आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों में चार ओडिशा क्षेत्र में सक्रिय थे, जबकि दो वेस्ट बस्तर डिवीजन से जुड़े हुए थे।
इनमें चार प्रेस काउंटर मेजर्स/प्लाटून पार्टी कमेटी मेंबर (PPCM) और दो पार्टी मेंबर (PM) स्तर के कैडर हैं। सरेंडर करने वालों की पहचान रानी सोढ़ी उर्फ संध्या, पांडो पोडियम उर्फ सस्मिता, सुक्कु कुड़ियाम उर्फ संतोष, कोसा माडवी उर्फ सतीश, देवे मड़कामी उर्फ जन्नी और लालू ताती के रूप में हुई है।
सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव, नक्सली संगठन के भीतर बढ़ती गुटबाजी और खोखली विचारधारा से मोहभंग होने के कारण इन कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला किया।
इसके अलावा, राज्य सरकार की 'नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति' के तहत मिल रहे लाभ और पूर्व नक्सलियों के सफल पुनर्वास के समाचारों ने भी इन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। पुनर्वास नीति के तहत सभी पूर्व कैडरों को आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास सुविधा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।