भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर जोरदार हमला बोला। विजयपुर विधानसभा उपचुनाव और मुकेश मल्होत्रा मामले को लेकर उन्होंने सरकार को ‘लोकतंत्र विरोधी’ और ‘आदिवासी विरोधी’ बताया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे की लड़ाई अब सड़क से लेकर देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी जाएगी।
*विजयपुर में ‘हार-जीत’ के खेल पर उठाए सवाल*
जीतू पटवारी ने विजयपुर विधानसभा मामले में सरकार की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी की कथित खरीद-फरोख्त की राजनीति अब खुलकर सामने आ रही है। पटवारी ने यह भी कहा कि विधानसभा में एक आदिवासी नेता की ‘औकात’ पूछना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और कांग्रेस इसे आदिवासी समाज का अपमान मानती है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि मुकेश मल्होत्रा की चुनावी हार-जीत का फैसला आखिर किस आधार पर किया गया, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
*सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जाएगी कानूनी लड़ाई*
मुकेश मल्होत्रा मामले को लेकर कांग्रेस अब पीछे हटने के मूड में नहीं है। जीतू पटवारी ने घोषणा की कि वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद विवेक तंखा के नेतृत्व में वकीलों की एक टीम इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में उठाएगी। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस इस प्रकरण में कथित अनियमितताओं से जुड़े सबूत भी अदालत में पेश कर सकती है। पटवारी ने यह भी आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था बदहाल हो चुकी है और कुछ विश्वविद्यालयों पर डिग्रियां बेचने जैसे गंभीर आरोप लग रहे हैं।
*गैस की बढ़ती कीमतों पर केंद्र सरकार को घेरा*
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जीतू पटवारी ने प्रदेश के साथ-साथ राष्ट्रीय मुद्दों पर भी केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को लेकर उन्होंने कहा कि इससे आम जनता पर भारी बोझ पड़ रहा है। पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार का काम करने का तरीका अब सही नहीं लग रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के समय वैश्विक स्तर पर किस तरह की प्रतिक्रिया रही, यह पूरी दुनिया जानती है। उनके मुताबिक, सरकार अब तक कई अहम मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका निभाने में सफल नहीं रही है।