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कैंसर मरीजों को बड़ी राहत: नॉन-शेड्यूल कैंसर दवाओं पर 30% मार्जिन कैप

दवाओं की कीमतें 70% तक घटने के आसार

13 अक्तू॰ 2026 1 व्यू
कैंसर मरीजों को बड़ी राहत: नॉन-शेड्यूल कैंसर दवाओं पर 30% मार्जिन कैप

नई दिल्ली। देश भर के कैंसर रोगियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने नॉन-शेड्यूल एंटी-कैंसर दवाओं के व्यापारिक मार्जिन पर 30 प्रतिशत की सीमा तय करने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद कई प्रमुख कैंसर दवाओं के दाम में 70 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। सरकार का अनुमान है कि इससे मरीजों को हर साल करीब 2,500 करोड़ रुपये की सीधी बचत होगी।

 

यह फैसला उन दवाओं पर लागू होगा जो अब तक अनिवार्य मूल्य नियंत्रण वाली अनुसूचित सूची से बाहर थीं। सरकारी विश्लेषण में सामने आया था कि इन दवाओं पर औसतन 170 प्रतिशत तक का मार्क-अप लगाया जा रहा था, जबकि कुछ मामलों में यह मार्जिन 700 प्रतिशत से भी अधिक था। रिटेल स्टोर, अस्पताल की फार्मेसी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कीमतों में भारी अंतर को लेकर महाराष्ट्र, राजस्थान और कर्नाटक के दवा प्राधिकरणों और कई नागरिक संगठनों ने चिंता जताई थी, जिसके बाद सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है।

 

यह नई सीमा सभी प्रकार की नॉन-शेड्यूल एंटी-कैंसर दवाओं पर लागू होगी, जिसमें ब्रांडेड और जेनेरिक, देसी और आयातित, तथा पेटेंट और गैर-पेटेंट वाली सभी दवाएं शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय की विशेषज्ञ समिति जल्द ही इन दवाओं की अंतिम सूची तैयार करेगी, जिसके बाद राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगा। बाजार में दवाओं की कमी न हो, इसके लिए निर्माताओं को वर्तमान उत्पादन स्तर बनाए रखने का निर्देश भी दिया गया है।

 

सरकार का यह निर्णय 2019 में 42 नॉन-शेड्यूल कैंसर दवाओं पर लगाए गए ट्रेड मार्जिन कैप का ही व्यापक रूप है। उस समय एनपीपीए के हस्तक्षेप से 526 ब्रांडों के एमआरपी में 91 प्रतिशत तक की कमी आई थी और मरीजों को सालाना लगभग 984 करोड़ रुपये की बचत हुई थी।

 

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के अनुसार, इस फैसले से अस्पतालों के अल्पकालिक मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है, लेकिन यह प्रभाव अस्थायी होगा। अस्पताल लागत नियंत्रण और प्रोसीजर प्राइस में बढ़ोतरी से इसे संतुलित कर सकते हैं, जैसा करीब एक दशक पहले कार्डिएक स्टेंट और नी-इम्प्लांट्स की कीमतों में 70 से 85 प्रतिशत कटौती के दौरान किया गया था।