रायगढ़। जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र से एक शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पड़ोस में चल रहे शादी समारोह की भीड़ का फायदा उठाकर एक 19 वर्षीय युवक ने नाबालिग बच्ची के साथ दरिंदगी की कोशिश की। आरोपी बच्ची को जबरन खींचकर अपने कमरे में ले गया था। हालांकि सही समय पर परिजनों के दरवाजा खटखटाने से बच्ची की आबरू बच गई। पूंजीपथरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मंडप की भीड़ के बीच गायब हुई बच्ची
जानकारी के अनुसार यह घटना 8 मार्च 2026 की रात करीब 9:30 बजे की है। पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि उनके घर से लगे परिवार में चचेरे देवर की शादी थी। घर में मंडप लगा हुआ था और मेहमानों की काफी भीड़ थी। रात में जब सभी लोग खाने-पीने में व्यस्त थे, तभी उनकी नाबालिग बेटी घर के बाहर बैठी थी। कुछ देर बाद जब परिजनों की नजर पड़ी तो बच्ची वहां से गायब मिली।
संदेह होने पर पड़ोसी के घर पहुंचे परिजन
बच्ची के न मिलने पर परिजनों ने आसपास खोजबीन शुरू की। शक होने पर उन्होंने पड़ोस में रहने वाले 19 वर्षीय आकाश मांझी के घर का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खुलने पर आकाश मांझी बिना कपड़ों के बाहर आया और घबराते हुए कहा कि लड़की वहां नहीं है।
आरोपी की हालत देखकर परिजनों का संदेह बढ़ गया और वे उसके घर के अंदर चले गए। अंदर कमरे से उनकी नाबालिग बेटी रोते हुए बाहर आई। बच्ची ने बताया कि आकाश उसका हाथ पकड़कर जबरन कमरे में ले गया था और गलत काम करने की नीयत से अपने कपड़े उतार दिए थे। इसी दौरान घरवालों की आवाज सुनकर उसने बच्ची को छोड़ दिया।
मेडिकल के बाद पॉक्सो में मामला दर्ज
घटना के बाद 9 मार्च को परिजनों ने थाना पूंजीपथरा में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी रामकिंकर यादव ने तत्काल अपराध क्रमांक 36/2026 दर्ज करते हुए BNS की धारा 74, 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत एफआईआर दर्ज की।
महिला उपनिरीक्षक दीपिका निर्मलकर ने बच्ची का बयान दर्ज कर उसका मेडिकल परीक्षण कराया। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी आकाश मांझी (19 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।