Dhamtari | स्वास्थ्य

धमतरी: सिकल सेल और बाल गैर-संचारी रोगों की रोकथाम के लिए लगाए गए विशेष शिविर

 दीपक साहू ,धमतरी। बच्चों में गैर-संचारी रोगों की शीघ्र पहचान, समयबद्ध उपचार एवं प्रभावित परिवारों को शासन की विभिन्न सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य विभाग धमतरी द्वारा यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के तकनीकी सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मगरलोड में विशेष स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविरों का आयोजन किया गया। इसके साथ ही सिकल सेल रोगियों एवं उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु जिला अस्पताल धमतरी में विशेष सामाजिक कल्याण शिविर का भी आयोजन किया गया। स्वास्थ्य शिविरों के दौरान कुल 195 लोगों की स्वास्थ्य जांच एवं स्क्रीनिंग की गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरी में 124 लोगों की जांच की गई, जिसमें 3 नए सिकल सेल रोगी (SS) चिन्हित हुए। इसके अतिरिक्त 10 पूर्व से पंजीकृत सिकल सेल रोगी तथा 15 सिकल सेल वाहक (AS) पाए गए। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मगरलोड में 71 लोगों की जांच के दौरान 1 नया सिकल सेल रोगी, 3 पूर्व से ज्ञात सिकल सेल रोगी/वाहक तथा 7 सिकल सेल वाहक चिन्हित किए गए। शिविरों में बच्चों में सिकल सेल रोग, बाल मधुमेह (टाइप-1 डायबिटीज) तथा अन्य गैर-संचारी रोगों की पहचान, समय पर जांच, उपचार एवं रेफरल सेवाओं के महत्व पर विशेष रूप से जानकारी प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा रोगियों एवं उनके परिजनों को नियमित जांच, दवा सेवन, फॉलिक एसिड के उपयोग, संक्रमण से बचाव, पोषण, स्वस्थ जीवनशैली तथा दीर्घकालिक रोग प्रबंधन के संबंध में विस्तृत परामर्श भी दिया गया। चिन्हित मरीजों को आवश्यकतानुसार उपचार एवं फॉलो-अप सेवाओं से भी जोड़ा गया।

इसी क्रम में जिला अस्पताल धमतरी में आयोजित सामाजिक कल्याण शिविर के माध्यम से सिकल सेल रोगियों को शासन की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं से जोड़ने की पहल की गई। शिविर में कुल 35 हितग्राहियों ने सेवाओं का लाभ लिया, जिनमें 15 नए सिकल सेल प्रमाण-पत्र जारी किए गए, 1 प्रमाण-पत्र का नवीनीकरण किया गया तथा 16 सिकल सेल कार्ड बनाए गए। इसके अतिरिक्त लगभग 20 हितग्राहियों के दस्तावेज अपूर्ण पाए जाने पर उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के साथ पुनः उपस्थित होकर प्रक्रिया पूर्ण कराने हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू. एल. कौशिक ने कहा कि बच्चों में गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान एवं निरंतर उपचार से गंभीर जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने समुदाय से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की। सिविल सर्जन-सह-मुख्य अस्पताल अधीक्षक,डॉ. तोंडर जिला अस्पताल धमतरी ने कहा कि सामाजिक कल्याण शिविरों के माध्यम से सिकल सेल रोगियों को प्रमाण-पत्र, कार्ड एवं अन्य शासकीय सुविधाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को और अधिक सुलभ बनाया जा रहा है, जिससे पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके। जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती प्रिया कंवर ने बताया कि जिले में बच्चों में गैर-संचारी रोगों की रोकथाम एवं प्रबंधन को मजबूत करने के लिए स्क्रीनिंग, परामर्श, रेफरल एवं फॉलो-अप गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन में यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेन्द्र सिंह के तकनीकी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ तथा एमसीसीआर ट्रस्ट की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर जिला सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. आदित्य सिन्हा, आरएमएनसीएचए सलाहकार डॉ. हिमेश्वर जोशी, एनसीडी सलाहकार डॉ. श्रीकांत चंद्राकर, अस्पताल सलाहकार डॉ गिरीश कश्यप, संबंधित ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, आरबीएसके टीम, लैब तकनीशियन, मितानिन एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष योगदान रहा। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिले में आगामी समय में भी ऐसे स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण शिविरों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि बच्चों में गैर-संचारी रोगों की शीघ्र पहचान, समयबद्ध उपचार तथा प्रभावित परिवारों को उपलब्ध सरकारी सुविधाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जा सके।