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एमसीबी : दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए मिलेगा 50 लाख तक का ऋण

ब्याज दर 5 से 9 प्रतिशत तक

छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम ने जारी की संशोधित मार्गदर्शिका

एमसीबी। दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन, समाज कल्याण विभाग एवं छत्तीसगढ़ निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम, रायपुर द्वारा नवीन ऋण प्रकरणों के लिए संशोधित मार्गदर्शिका एवं दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिला कार्यालय समाज कल्याण, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा जिले के पात्र दिव्यांगजनों से योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की गई है।

पात्र हितग्राहियों से आवेदन आमंत्रित

 

50 लाख रुपये तक ऋण की सुविधा

 

निगम द्वारा दिव्यांगजनों को स्वरोजगार एवं व्यवसाय के लिए विभिन्न ऋण श्रेणियों में रियायती ब्याज दर पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। 50 हजार रुपये तक के ऋण पर 5 प्रतिशत, 50 हजार से 5 लाख रुपये तक 6 प्रतिशत, 5 लाख से 15 लाख रुपये तक 7 प्रतिशत, 15 लाख से 30 लाख रुपये तक 8 प्रतिशत तथा 30 लाख से 50 लाख रुपये तक के ऋण पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर निर्धारित की गई है। वहीं शैक्षणिक ऋण पर ब्याज दर 4 प्रतिशत प्रतिवर्ष रहेगी।

 

महिलाओं को ब्याज में विशेष छूट

 


योजना के तहत अस्थि बाधित दिव्यांग महिलाओं को छोड़कर अन्य दिव्यांगता वाली महिलाओं को स्वरोजगार ऋण की ब्याज दर में 1 प्रतिशत की विशेष छूट दी जाएगी। इसके साथ ही ऋण प्राप्त पात्र हितग्राही द्वारा ऋण अदायगी के दौरान जमा किए जाने वाले ब्याज पर 25 प्रतिशत की उत्थान सब्सिडी छूट का भी प्रावधान है।

 

ये होंगे प्रमुख पात्रता मानदंड

 

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक छत्तीसगढ़ राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए। सामान्य योजनाओं के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष से अधिक तथा निर्धारित श्रेणी के नवीन ऋण प्रकरणों में आयु 25 से 50 वर्ष के मध्य होना आवश्यक है। आवेदक के पास 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता का प्रमाण-पत्र, यूडीआईडी कार्ड एवं आधार कार्ड होना अनिवार्य है।
आवेदक प्रस्तावित व्यवसाय या परियोजना के लिए प्रशिक्षित अथवा दक्ष होना चाहिए। साथ ही व्यवसाय संचालन का न्यूनतम 3 वर्ष का अनुभव या पर्याप्त शैक्षणिक/व्यावसायिक योग्यता होना आवश्यक है।

 

जमानत और वित्तीय क्षमता भी जरूरी

 


आवेदक अथवा उसके पालक के पास ऋण की मासिक किस्तों के नियमित भुगतान के लिए पर्याप्त आय का स्रोत होना चाहिए। छत्तीसगढ़ में आदिवासियों को आवंटित वन भूमि का पट्टा अथवा ऋण पुस्तिका को जमानत के रूप में मान्य नहीं किया जाएगा। शासकीय सेवक की जमानत की स्थिति में 50 रुपये के स्टाम्प पेपर पर अनुबंध तथा वेतन आहरण अधिकारी द्वारा सत्यापित लगातार तीन माह की वेतन पर्ची प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

 

वाहन ऋण में भी कड़े प्रावधान

 


वाहन हेतु ऋण स्वीकृत होने के बाद ऋण राशि जिला प्रबंधक द्वारा सीधे संबंधित एजेंसी को चेक के माध्यम से दी जाएगी। हितग्राही को किसी भी स्थिति में ऋण राशि नगद अथवा चेक के रूप में सीधे हस्तांतरित नहीं की जाएगी। वाहन के पंजीयन में हितग्राही और जिला प्रबंधक का संयुक्त नाम दर्ज होगा तथा वाहन की एक चाबी हितग्राही और दूसरी जिला प्रबंधक के पास रहेगी।
वाहन का थर्ड पार्टी एवं एड-ऑन इंश्योरेंस अनिवार्य होगा। साथ ही वाहन के सामने “छ.ग. निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम द्वारा स्वीकृत ऋण के माध्यम से प्राप्त” का बोर्ड लगाना जरूरी होगा। लगातार तीन किस्त लंबित रहने की स्थिति में वाहन को जिला प्रबंधक द्वारा अधिकृत किए जाने संबंधी प्रावधान 50 रुपये के स्टाम्प पेपर पर विस्तृत रूप से संपादित किया जाएगा।

 

आवश्यक दस्तावेजों के साथ करें आवेदन

 


जिला कार्यालय समाज कल्याण ने जिले के सभी पात्र दिव्यांगजनों से योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की है। इच्छुक आवेदक निवास प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, यूडीआईडी कार्ड, आधार कार्ड, परियोजना प्रतिवेदन, शपथ पत्र सहित आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला कार्यालय समाज कल्याण, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में संपर्क कर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।