अंतरराष्ट्रीय

होर्मुज का विकल्प तैयार खाड़ी के तीन देशों ने सड़क मार्ग से शुरू की माल की सप्लाई

ईरान। सीजफायर के बावजूद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता पूरी तरह नहीं खोला है, जिसके कारण दुनिया की सप्लाई चेन अस्त-व्यस्त हो गई है. अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौता न होने के कारण इस रूट को लेकर सस्पेंस और भी गहरा गया है इसी बीच सऊदी, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात ने मिलकर एक सड़क मार्ग तैयार किया है. इस रूट के जरिए ये तीनों होर्मुज की सप्लाई को लाल सागर के रास्ते पूरी दुनिया को भेज रही है।

रोज इस रूट पर 3,500 मालवाहक ट्रक सामान लेकर चल रहे है



वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक वैकल्पिक रास्ता को उपयोगी बनाने के लिए रेगिस्तान में हर रोज 3500 मालवाहक ट्रक चल रहे हैं। यूएई से माल लेकर ये ट्रक ओमान के रास्ते सऊदी जा रहे हैं, जहां से माल को जहाजों के जरिए ओमान की खाड़ी और स्वेज नहर की तरफ भेजा जा रहा है।



कैसे काम कर रहा ये रूट?

 

रिपोर्ट के मुताबिक यूएई के फुजेराह, खोर फाक्कन पोर्ट से सामान उठाने के बाद ट्रक ओमान इंटरलिंक के रास्ते सऊदी के लाल सागर पोर्ट तक पहुंचते हैं. इसके बाद सामान को जहाजों के जरिए उन देशों में भेज दिया जाता है, जहां उसे जाना है। इसी रास्ते के जरिए सऊदी, कुवैत, ओमान के ट्रक भी जा रहे हैं।

 

अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन इस रास्ते से 3500 ट्रक गुजरते हैं। अधिकांश ट्रकों में जरूरत के सामान होते हैं. जैसे-खाद्य पदार्थ और कृषि से जुड़े सामान। जानकारों का कहना है कि वर्तमान मेंयह रास्ता मंहगा जरूर है, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित है।



खाड़ी देशों का व्यापार ठप

 

होर्मुज के कारण खाड़ी देशों का व्यापार ठप है। दरअसल, सऊदी, इराक, कुवैत, कतर और यूएई जैसे देश अपना तेल और गैस होर्मुज के रास्ते ही बेच रहे थे. इसके बंद होने से सप्लाई पूरी तरह प्रभावित हुई है. सऊदी ने पाइपलाइन के जरिए कुछ तेल जरूर बेचे हैं, लेकिन इसके बावजूद उसकी कमाई पर असर हुआ है।



होर्मुज के रास्ते दुनिया में कुल 25 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति होती है, लेकिन ईरान जंग की वजह से पिछले 2 महीने से यह रास्ता बंद है। 34 किमी चौड़े इस समुद्री रास्ते को 3 द्वीपों के जरिए ईरान कंट्रोल करता है।