New Delhi | अंतरराष्ट्रीय
नई दिल्ली : भारत की मेडिकल टूरिज्म में तकरीबन 150% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो विदेशों में रहने वाले न केवल भारतीयों (एनआरआई) बल्कि विदेशी नागरिकों के लिए भी पहली पसंद बनता जा रहा है।

वित्त वर्ष 2024 25 में पालिसीबाजार की रिपोर्ट के मुताबिक, एनआरआई ग्राहकों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी जो बढ़ती लोकप्रियता के साथ साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में कौशल को भी दर्शाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इलाज, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों की तुलना में, गुणवत्ता पूर्ण और बहुत सस्ता है, जिसकी वजह से एनआरआई अब उच्च गुणवत्ता वाली और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भारत का रुख कर रहे हैं।
भारत और अमेरिका में होने वाले इलाज की लागत में काफी अंतर देखने को मिला। रिपोर्ट के अनुसार भारत में हार्ट बायपास सर्जरी के लिए लगभग चार लाख रुपये से छह लाख रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। वहीं अमेरिका में लगभग 58 लाख रुपये से लेकर लगभग 1.25 करोड़ रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।
वहीं घुटना प्रत्यारोपण के लिए भारत में जहां लगभग 3.3 लाख रुपए से 5 लाख रुपए खर्च आता है, वहीं अमेरिका में लगभग 24.9 लाख रुपए से 41.5 लाख रुपए खर्च करने पड़ते हैं।

भारत में लीवर ट्रांसप्लांट के लिए लगभग 20.75 लाख रुपए से 29.05 लाख रुपए खर्च करने पड़ते हैं, वहीं अमेरिका में लीवर ट्रांसप्लांट के लिए लगभग 2.49 करोड़ रुपए से 4.15 करोड़ रुपए तक खर्च करने पड़ते हैं।

रिपोर्ट में ये भी जिक्र किया गया है कि भारत में स्वास्थ्य बीमा भी काफी सस्ता है। भारत में एक व्यक्ति का वार्षिक प्रीमियम लगभग 9,960 रुपए से 24,900 रुपए होती है, वहीं अमेरिका में यही प्रीमियम 6.6 लाख रुपए से भी ज्यादा है और खाड़ी देशों में इसके लिए लगभग 3.3 लाख रुपए से 4.15 लाख रुपए है।
एनआरआई ग्राहकों में महिलाओं की हिस्सेदारी में 125% और 35 साल से कम उम्र के ग्राहकों में 148% की बढ़ोतरी देखी गई है।
न केवल मुंबई, चेन्नई, और कोलकाता बल्कि पुणे, ठाणे और दक्षिण भारत के शहर जैसे बेंगलुरु और हैदराबाद एनआरआई मरीजों के लिए लोकप्रिय हो रहे हैं।
विश्व मानचित्र में भारत की चिकित्सा सेवा कीमत, बेहतरीन इलाज और आधुनिक मेडिकल तकनीक की वजह से दुनियाभर के एनआरआई के लिए चिकित्सा का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।